एक
करवा तो रह लो तुम
परिणय सूत्रों में बधें नये युगलों को खास मुबारक हो
तपस्विनी हर पत्नी को करवा उपवास मुबारक हो ||
परिवार संग जीवन मंथन पति-पत्नी पास मुबारक हो
बिछड़े-उजड़े दम्पत्ति को प्यारा एहसास मुबारक हो ||
क्या परम्परा कैसी पूजा सब
पुरखों का एहसास है
मैं तेरा हूँ तू मेरी है बस
इतना सा विश्वास है ||
खुशियाँ
अपनी कर लो दूनी जीवन उल्लास से भर लो तुम
हर
व्रत “शीलू” रहती है “रजनीश” एक
करवा रह लो तुम
बहन, बेटियां, पतिव्रता की
तुम जीवन में इज्जत कर लेना
विश्व पटल पर ऐसा कर तुम
ऐसे ही करवा रह लेना ||
मेरे जीवन की बगिया में ऐसे
ही फूलों सा खिलना
एक जन्म नही, सौ जन्म नही
युग-युग पर्यन्त मुझे मिलना ||
समर्पित
सभी विवाहितों को – (नव-विवाहित
के लिए विशेष)
स्वरचित-
रजनीश श्रीवास्तव-9838284044
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